जंजीरे बांध ना पाएंगी मेरी मोहब्बत को
मेरी मोहब्बत डरती नहीं है शमशीरो से
क्या डरेगी मेरी मोहब्बत
जालिम तेरी जंजीरों से
खुद तू मिट जाएगा
मेरी मोहब्बत की
आग में तू जल जाएगा
मेरी मोहब्बत को
हरगिज तू ना मिटा पाएगा
जंजीरे तेरी बांन्ध ना पाएंगी मोहब्बत को
पार करेगी मेरी मोहब्बत हर मुश्किल को
मेरा सनम जब आएगा मेरा सनम जब आएगा
ओ तेरी जालिम हस्ती को धूल में मिलाएगा
जंजीरे बांध ना पाएंगी मेरी मोहब्बत को
मेरी मोहब्बत डरती नहीं है शमशीरो से
क्या डरेगी मेरी मोहब्बत
तेरी जालिम जंजीरों से
खुद तू मिट जाएगा
मेरी मोहब्बत की
आग में तू जल जाएगा
मेरी मोहब्बत को
हरगिज तू ना मिटा पाएगा
जंजीरे तेरी बांन्ध ना पाएंगी मोहब्बत को
पार करेगी मेरी मोहब्बत हर मुश्किल को
मेरा सनम जब आएगा मेरा सनम जब आएगा
ओ तेरी जालिम हस्ती को धूल में मिलाएगा
मोहब्बत में कितना है दम तू ये जानता नहीं
खुदा का नूर है मोहब्बत, जिसे तू मानता नहीं
जाने कितने पहले भी मोहब्बत से जलते रहे
मोहब्बत में जब मांगी दुआ जल जल के मरते रहे
तू क्या मिटाएगा मोहब्बत को मोहब्बत जिंदा रहेगी
मोहब्बत तब भी रहेगी जब तेरा जनाजा जाएगा
मेरी दुआओं में है इतना असर
जंजीरे तेरी टूट जाएगी
जिंदा दीवारों में चुनवा दे तू
हर एक दीवार टूट जाएगी
मैंने अगर रब से मांगी दुआ
शमशीर तेरी छूट जाएगी
तेरा ये जालिम नशा टूट जाएगा
मेरा सनम जब आएगा मेरा सनम जब आएगा
ओ तेरी जालिम हस्ती को धूल में मिलाएगा
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