मुखड़ा:
मेरी नज़रों से नज़रें न मिला,
दीवाना तू बन जाएगा।
सोच समझ ले सजना,
बेगाना तू बन जाएगा।
रातों की निंदिया हो जाएगी चोरी,
नज़रें मुझसे जो लड़ गईं तोरी।
ओ मेरे सैंय्या इतना समझ ले,
हालत पतली हो जाएगी तेरी,
तू अनजाने शहर में खो जाएगा।
मेरी नज़रों से नज़रें न मिला,
दीवाना तू बन जाएगा।
अंतरा 1:
मेरी बातों का मतलब तुझे समझ न आए,
इश्क़, प्यार, मोहब्बत क्यों चलाए?
मैं वह साकी हूँ,
खाली जाम जो देती है,
खुद गाड़ी में जाती है, सबको पैदल कर देती है।
नशा तुझे होता नहीं,
मैं भी यही कह देती।
तेरी नज़रों में खराबी,
तू दिखता है शराबी,
गुलाबी गालों का रसिया बन जाएगा।
मेरी नज़रों से नज़रें न मिला,
दीवाना तू बन जाएगा।
अंतरा 2:
पायलिया मेरी जब गीत सुनाए,
कुछ भी सैंय्या तुझे और न भाए।
लूटने तू आया था,खुद लूट कर तू जाए,
लाज-शर्म जब खोई,
समझ ले सबकी किस्मत सोई,
दिवालिया तू भी बन जाएगा।
मेरी नज़रों से नज़रें न मिला,
दीवाना तू बन जाएगा।
अंतरा 3:
देख अपना रास्ता, मैं देती तुझे मौका,
इन रंगीनियों में खाएगा धोखा।
नादान बड़ा तू सैंय्या, दिल मेरा तुझपे आया,
तेरी जवानी पे तरस मैंने खाया।
मुझको मोहब्बत हो गई है ताजा,
चर्चा शहर में हो जाएगा,
दीवाना तू बन जाएगा।
मेरी नज़रों से नज़रें न मिला,
दीवाना तू बन जाएगा।
अंतरा 4:
बड़ी ज़ालिम हैं नज़रें मेरी,
दिल मोम से बना है मेरा।
रंगत गुलाबी है गालों की मेरी,
नहीं कोई दोस्त है तेरा।
नशीला-नशीला है जोबन मेरा,
यह जोबन जब हो जाएगा तेरा,
मेरी नज़रों से बच के बता,
फिर तू बचके किधर जाएगा?
कोरस:
मेरी नज़रों से नज़रें न मिला,
दीवाना तू बन जाएगा।
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