[मुखड़ा]
मैं भी नशीली, तू भी नशीला
उस पर है ये मौसम नशीला
तू खो जा मेरी आँखों में सैया
फिर देख नशा ओ मेरे सैयां
तू कहेगा मुझको शकीला
बार-बार कहेगा— और पिला, और पिला
मुझको पुकारेगा— शकीला, ओ शकीला, आ शकीला
**[अंतरा 1]**
मेरा हुस्न मेरी गवाही देता है
जो भी देखे मुझको, आहें भरता है
तूने नज़रें उठाकर ना मुझको देखा
मैं समझती थी तू मुझ पर मरता है
मैं हूँ इतनी नशीली, तू भी नशीला...
मुझको पुकारेगा— शकीला, ओ शकीला, आ शकीला
**[अंतरा 2]**
तेरे लिए मैं बन जाऊँगी दीवानी
लिख ले अपने दिल पर मेरी प्रेम कहानी
व्हिस्की बियर रम जो माँगे, मैं वो दूँगी
बस इतना कहती हूँ— ना छलके आँखों का पानी
हँस के तूने न देखा तो छीन लूँगी तेरी जवानी
मेरी आखों में बसी इक मधुशाला
मैं हूँ इतनी नशीली, तू भी नशीला
कहेगा— और पिला, और पिला
मुझको पुकारेगा— शकीला, ओ शकीला, आ शकीला
**[अंतरा 3]**
ओ सैंया दीवाने, मुझसे नैन लड़ा ले
बन जाऊँगी तेरी, मुझे अपना बना ले
गरम-गरम रोटी मेरे हाथों से खा ले
तुझे दिखाऊँ अपने हाथों के छाले
भर-भर के डालूँगी गरम मसाला
मैं हूँ इतनी नशीली, तू भी नशीला
कहेगा— और पिला, और पिला
मुझको पुकारेगा— शकीला, ओ शकीला, आ शकीला
**[अंतरा 4]**
देख मेरे नैनों की डोरे गुलाबी
नैनों मेरे पी ले, बन जा पक्का शराबी
नैनों के जाम तुझे भर-भर के दूँगी
मरते-मरते सैया नाम तेरा मैं लूँगी
पी ले मेरे नशीले नैनों का प्याला
बन जाएगा सैया और भी नशीला
मैं भी नशीली और तू भी नशीला
मुझको पुकारेगा— शकीला, ओ शकीला, आ शकीला
No comments:
Post a Comment