सोई सोई रातों में इन तन्हाइयों में
मैंआई हूं सोती हुई रातों को जगाने
तन्हाइयों में महफिल सजाने
कोई उदास रहे क्यू
मैं जब उसके पास हूं
होंगी खुशियां और खिलखिलाहट
होगी जब मेरे आने की आहट
उदासियों का क्या काम है
काफी सिर्फ मेरा नाम है
हर कोई नाचेगा गाएगा
बहेगा सबका पसीना
मैं हूं सब से हसीन हसीना
रात भर महफिल में हंसना गाना होगा हर कोई मेरे थिरकते मटकते
ठुमको का दीवाना होगा
आना तो मुश्किल नहीं था
जाना मुश्किल होगा
इस रंगीली शाम में
सबका दिल है फिसला
मैं हूं सबसे हसीन हसीना
खुशियां सब की दीवानी है
दीवानी खुशियां है सबकी
यह हसीन महफिल
किसी एक नहीं
ये महफिल है सबकी
सब रंग जमाएंगे
झूमेंगे नाचेंगे गाएंगे
ऐसा जश्न तमाशा होगा
जिससे कोई भूल कभी ना
मैं हूं सबसे हसीन हसीना
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