तेरे बिना मेरे सपने अधूरे से लगते हैं
तेरे बिना जहां में हम अधूरे से लगते हैं
तेरे बिना अधूरे से है मेरे सपने
तेरे बिना अधूरे से है मेरे अपने
तुझसे दूर कभी ना हम रह पाएंगे
हम किसी को अपना ना कह पाएंगे
खयाल जिंदगी का ना कभीआएगा
ना हम जी पाएंगे ना हम मर पाएंगे
तेरे बिना यह जहां अधूरा सा लगता है
तेरे बिना मेरे सपने अधूरे से लगते हैं
तेरे बिना जहां में हम अधूरे से लगते हैं
तेरे बिना मेरे सपने अधूरे से लगते हैं
तेरे बिना जहां में हम अधूरे से लगते हैं
तुझसे दूर कभी ना हम रह पाएंगे
हम किसी को अपना ना कह पाएंगे
खयाल जिंदगी का ना कभीआएगा
ना हम मर पाएंगे ना हम जी पाएंगे
तेरे बिना यह जहां अधूरा सा लगता है
तेरे बिना मेरे सपने अधूरे से लगते हैं
तेरे बिना जहां में हम अधूरे से लगते हैं
यह प्यास बिन पानी के मिटती नहीं
तेरे बिना मेरी कोई हस्ती नहीं
वो मस्ती वो बस्ती बेकार है
जिसमें तेरी चाहत बसती नहीं
तेरे बिन मेरी चाहतअधूरी है
तेरे बिना मेरे सपने अधूरे से लगते हैं
तेरे बिना जहां में हम अधूरे से लगते हैं
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