खुशबू गुलाबों की मुझमें समायी है,
मेरी जवानी ने ली अंगड़ाई है।
कातिल यह जवानी भी कुछ घबराई है,
जाने यह कैसी अनजानी तन्हाई है।
आजा रे बलमा मुझे सीने से लगा ले,
मैं बनूँगी तेरी मुझे अपना बना ले।
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