Wednesday, 22 April 2026

नजरों से नजर लड़ाऐहैं इतना दम किस में

मैं बरखा हूं जो भिगोऐ
मैं आग हूं जो जलाए
मुझे उंगली कोई लगाए 
है इतना दम किसमें

मेरे नाज नखरे उठाये 
नजरों से नजर लड़ाऐ
हैं इतना दम किस में 
 मैं जाऊं जिधर से
 मेरे संग चले हवाएं
रोके जो मेरी राहे 
है इतना दम किसमें
मेरे कदम से कदम मिलाए  
मेरे साथ नाचे गाऐ 
है इतना दम किस में

मैं बरखा हूं जो भिगोऐ
मैं आग हूं जो जलाए
मुझे उंगली कोई लगाए 
है इतना दम किसमें

अपने मन मर्जी की मैं करती 
किसी शह से भी ना डरती
मेरे सामने किसी की ना चलती 
कौन है जो मुझसे नजर मिलाऐ
कौन है जो मुझे दिलरुबा बनाए 
है इतना दम किसमें

मैं बरखा हूं जो भिगोऐ
मैं आग हूं जो जलाए
मुझे उंगली कोई लगाए 
है इतना दम किसमें

जिसका ख्वाब हो मेरी दीवानगी 
जिसकी आरजू हो मेरी एक खुशी 
जिसका अरमान हो मुझे पाना
जिसकी चाहत हो मेरी बंदगी
आकर मुझे गले लगाए 
मेरे गले में डालेअपनी बाहे
है इतना दम किसमें


No comments:

Post a Comment