ये हुस्न की गलियां हैं
कुंवारी यहां कलिया है
तू यहां जो आया है
क्या नजराना लाया है
या कोई आशिक छलिया है
यह हुस्न की गलियां है
मोहब्बत का सौदा होता यहां
लूट जाता है दिल जवानी में
यहां सोच समझ के रखना कदम
लग जाती है आग यहां पानी में
यह हुस्न की गलियां है
दुनिया के ठुकराए सभी
आते हैं इन गलियों में
ढूंढते हैं प्यार वह यहां
चकती महकती कलियों में
खो जाते हैंआकर
यहां की रंगरलियो में
मेहमान बनके आते हैं
मेजबान बन जाते हैं
चांद सितारों की दुनिया में
अनजान वो बन जाते हैं
वो भूल जाते हैं यहां
सारे बीते फसानों को
अपना बना लेते हैं
यहां के अनजानों को
यहां बसती है एक अलग जो
ऐसी हसीन नई दुनिया है
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