Thursday, 16 April 2026

ये हुस्न की गलियां हैं

ये हुस्न की गलियां हैं 
कुंवारी यहां  कलिया है
 तू यहां जो आया है 
क्या नजराना लाया है 
या कोई आशिक छलिया है 
यह हुस्न की गलियां है

मोहब्बत का सौदा होता यहां 
लूट जाता है दिल जवानी में 
यहां सोच समझ के रखना कदम 
लग जाती है आग यहां पानी में 
यह हुस्न की गलियां है 

दुनिया के ठुकराए सभी 
आते हैं इन गलियों में 
ढूंढते हैं प्यार वह यहां 
चकती महकती कलियों में 
खो जाते हैंआकर 
 यहां की  रंगरलियो में

मेहमान बनके आते हैं 
मेजबान बन जाते हैं 
चांद सितारों की दुनिया में 
अनजान वो बन जाते हैं 
वो भूल जाते हैं यहां 
सारे बीते फसानों को 
अपना बना लेते हैं 
यहां के अनजानों को 
यहां बसती है एक अलग जो
ऐसी हसीन नई दुनिया है 


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