Monday, 20 April 2026

मेरी हरी चुनरिया लाल हो गई

कैसे बताऊं तुझे रात की बात 
रात मेरे सपने में तू था मेरे साथ 
तेरे से मेरी थी पहली मुलाकात 
तूने सताया मुझे  पूरी रात 
मेरी हरी चुनरिया लाल हो गई 
नींद मेरी सैया हलाल हो गई 

रात तूने सैया मुझे की जोरा-जोरी
कसके पकड़ा तूने बैइया मेरी मरोरी 
अच्छी नहीं लगी कुछ बातें सैया तोरी 
गोरी गोरी वैइया पे नील पर गये मोरी
लंगडी लंगडी मेरी चाल हो गई 

मेरी हरी चुनरिया लाल हो गई 
नींद मेरी सैया हलाल हो गई 

रात मेरे गालों से कि तूने छेड़खानी 
जगह-जगह छोड़ दी अपनी निशानी 
तुझको लग रही होगी फिल्मी कहानी 
रात लूटने को थी 16 की रानी 
सफल शिकारी की चाल हो गई


मेरी हरी चुनरिया लाल हो गई 
नींद मेरी सैया हलाल हो गई 


पहले तो  कुछ भी समझ नहीं आया 
मैं बहुत  रोई सैया तूने बहुत रुलाया
दौड़ा दौड़ा बाजार गया पेडा तू लाया 
अपने हाथों से तूने मुझको खिलाया 
शर्म से गालों की रंगत लाल हो गई 


मेरी हरी चुनरिया लाल हो गई 
नींद मेरी सैया हलाल हो गई 


सैयां तेरी शरारत मन को भायी
रोते रोते हंस दी ऐसी हालत बनाई 
हो जाएगी सैया अब मेरी जग हंसाईं
जो तूने मुझे अपनी जोरू ना बनाई
समझ ले सैया मैं जी का जंजाल हो गई 


मेरी हरी चुनरिया लाल हो गई 
नींद मेरी सैया हलाल हो गई 










 




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