Tuesday, 21 April 2026

सब पर अपनी धाक जमाऊगी

मैं गांव की छोरी हंगामा करने  शहर में आयी हूं 
गली गली में नाच नाच कर धूम मचाऊगी
सब पर अपनी धाक  जमाऊगी
सबको अपना आशिक बनाऊंगी 
अपनी इशारों पर  नचाऊगी 

पायल की झंकार जब बोले 
नियत दीवानों की डोले
मैं सबसे आंख लड़ाऊंगी 
सबको आशिक बनाऊंगी 

देखकर मेरे ठूमको के लटके झटको में
खो जाएंगे सारे
एक एक  ठुमका लांख  लांख का
हो जाएंगे वारे न्यारे
बरेली में झुमका गिराऊगी  
झुमका सबसे ढूठवाऊगी 


मैं गांव की छोरी हंगामा करने  शहर में आयी हूं 
गली गली में नाच नाच कर धूम मचाऊगी
सब पर अपनी धाक  जमाऊगी
सबको अपना आशिक बनाऊंगी 
अपनी इशारों पर  नचाऊगी

दिल अपना मैं किसी को भी ना दूंगी 
दिल सबका लेकर अपना लाकर भर लूंगी
सबकी नींद चुराऊंगी सबके होश उडाऊंगी
दिलरुबा दिल्ली वाली बन जाऊंगी

मैं गांव की छोरी हंगामा करने  शहर में आयी हूं 
गली गली में नाच नाच कर धूम मचाऊगी
सब पर अपनी धाक  जमाऊगी
सबको अपना आशिक बनाऊंगी 
अपनी इशारों पर  नचाऊगी

मैं गांव की गोरी बड़ी हूं भोली भाली
ये मत सोच नहीं है इस बगिया का माली
लेकर डंडा बैठा है कर रहा है रखवाली
छेड़खानी  मत करना  वरना दूंगी गाली
अपने माली का डंडा चलवाऊंगी 
दण्डे गिन गिन के लगवाऊंगी

गली गली में नाच नाच कर धूम मचाऊगी
सब पर अपनी धाक  जमाऊगी
सबको अपना आशिक बनाऊंगी 
अपनी इशारों पर  नचाऊगी



 

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