Saturday, 11 April 2026

इश्क में खुदाई करिश्मा होता है

इश्क होता है महसूस भी होता है 
इश्क में रूह  फना हो जाती है
नहीं जानता मेरा मासूम महबूब 
इश्क कब कैसे और क्यों होता है 

आशिक की हस्ती दफन होती है 
 मोहब्बत चुपके चुपके रोती है 
आग के शोलो में  भी इश्क
हंसते-हंसते खड़ा होता है

इश्क एक ऐसा नशा है जिसमें
दो जहां की तमन्ना दफन होती है  
इश्क की दुआओं में असर होता है
 इश्क में खुदाई करिश्मा होता है

इश्क मिटता नहीं मिटाता है
उसे जो इश्क को   झुकाना चाहे
चाहते जमाने की बोनी लगती है 
इश्क पहाड़ सा खड़ा होता है

इश्क में हौसला है हर इम्तिहान से गुजरने का 
इश्क पत्थरों से भी टकराया है 
इश्क जालिमों से भी ना घबराए है
इश्क मिजाज से बड़ा   बेखौफ होता है

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