इश्क होता है महसूस भी होता है
इश्क में रूह फना हो जाती है
नहीं जानता मेरा मासूम महबूब
इश्क कब कैसे और क्यों होता है
आशिक की हस्ती दफन होती है
मोहब्बत चुपके चुपके रोती है
आग के शोलो में भी इश्क
हंसते-हंसते खड़ा होता है
इश्क एक ऐसा नशा है जिसमें
दो जहां की तमन्ना दफन होती है
इश्क की दुआओं में असर होता है
इश्क में खुदाई करिश्मा होता है
इश्क मिटता नहीं मिटाता है
उसे जो इश्क को झुकाना चाहे
चाहते जमाने की बोनी लगती है
इश्क पहाड़ सा खड़ा होता है
इश्क में हौसला है हर इम्तिहान से गुजरने का
इश्क पत्थरों से भी टकराया है
इश्क जालिमों से भी ना घबराए है
इश्क मिजाज से बड़ा बेखौफ होता है
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