Sunday, 5 April 2026

तुझसे सजना, मेरा सौदा पट जाएगा

मुखड़ा:

नथनी जो हाले मेरी, हल्ला हो जाएगा

कंगना ये खनके तो, बलवा हो जाएगा

मैं नहीं गाँव की छोरी, मैं शहर की गोरी

जहाँ लगा दूँ ठुमके, मेला हो जाएगा!

जहाँ लगा दूँ ठुमके, मेला हो जाएगा...

अंतरा 1:

मेरी जवानी के झटके, देख ज़रा तू

जाएगा कहाँ बच के, सोच ज़रा तू

ओ सजना अनाड़ी, पकड़ ले मेरी बैंय्या

मैं बना लूँगी तुझको, अपना सैंय्या

मेरा गोरा बदन और भी खिल जाएगा

जहाँ लगा दूँ ठुमके, मेला हो जाएगा!

अंतरा 2:

सोने जैसी अदा है मेरी, चाँदी जैसी चाल

एक आँख जो मारूँ सजना, आ जाए भूचाल

खड़ा तू भी यहाँ, रह न पाएगा

जहाँ लगा दूँ ठुमके, मेला हो जाएगा!

अंतरा 3:

आते-जाते गली के छोरे, घूरें मुझको ऐसे

खड़े-खड़े आँखों से ही, खा जाएँगे कच्चे

सीटी पीछे से बजाते, जब मैं सड़क पर चलती

लेकिन उनकी मेरे आगे, दाल कभी ना गलती

पर तुझसे सजना, मेरा सौदा पट जाएगा

जहाँ लगा दूँ ठुमके, मेला हो जाएगा!

अंतरा 4:

चमक-चमक रही है देख, मेरी ये जवानी

मेरे गोरे गालों पर, चढ़ा लाल रंग का पानी

बीच सड़क में हर कोई मांगे, मुझसे मेरी निशानी

सच कहती हूँ मैं तो राजा, हूँ बस तेरी दीवानी

आज नहीं तो कल तू भी, दीवाना हो जाएगा

जहाँ लगा दूँ ठुमके, मेला हो जाएगा!

क्लाइमेक्स (Outro):

नथनी जो हाले मेरी... (हल्ला हो जाएगा)

कंगना ये खनके तो... (बलवा हो जाएगा)

जहाँ लगा दूँ ठुमके, मेला हो जाएगा!

हाँ... मेला हो जाएगा!

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