Sunday, 26 April 2026

गोल-गोल बात तू जलेबी सी बनाए,


गोल-गोल बात तू जलेबी सी बनाए,

सीधे-सीधे बोल दे, तू क्या चाहे।

तेरी बातें सजना समझ में ना आए,

कभी चले बाएं तू कभी चले दाएं।

अन्तरा 1:
आँखों से इशारे करे, दिल को बहकाए,
 मुझे मीठी-मीठी बातें रोजाना तू बनाई
 कभी-कभी हां बोले फिर बात ना में घूमाऐ 
मेरे दिल का चैन यूँ ही चुरा ले जाए।
अन्तरा 2:
हफ्ते में बस एक बार देखू मैं तेरा चेहरा
जाने किस से दुनिया में होता तेरा सवेरा
 करता है तू क्या समझ में ना आया है
 दिल ने जब जब रोका मुझको तूने तड़पाया है
तेरी अदा पे दिल मेरा फिसले जाए 
अन्तरा 3:
 देख ले हाथों पर नाम तेरा गुदवाया है
ख्वाबों में हर रात तू ही  मेरे आया है
 एक बार साफ-साफ कह दे सजना मुझे
मेरे संग जीना है  यह बस दिल ही बहलाये

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