तेरे प्यार में हद से गुजर गए
हम अपनी नज़र में सवर गए
अपने फैसले पर हमें नाज़ है
हमें प्यार मिला हम जिधर गए
बड़ी ज़ोर से दिल था धड़क रहा
इसकी धड़कन हमने सुनी कहाँ
यह कह रहा था न दूर जा
हमने कह दिया कि मजबूर हैं
दिल का कहा हमने माना नहीं
वही खड़े रह गए
जहाँ कल थे और आज हैं
हम अपनी नज़र में सवर गए
अपने फैसले पर हमें नाज़ है
प्यार का फर्ज हमने निभाया है
हमने एक नया दस्तूर बनाया है
जो तुमने किया हम क्या कहें
हमें प्यार था हम वो करते रहे
मुस्कुराहट का दामन ना छूटा कभी
हंसते रहे हकीकत से मुकरते रहे
बस इतना बता दो तुम हमको
यह अंजाम था या आगाज है
हम अपनी नजर में सवर गए
अपने फैसले पर हमें नाज हैं
तुमने कुछ ना सोचा हमारा होगा क्या
हम जिएंगे तो कैसे तुम्हारे बिना
जब तक सांस है जीना मजबूरी है
फिर कहाँ कोई बीच में दूरी है
तुम अगर समझो तो आगाज़ है
तुम ना समझो तो ये एक अंजाम है
हम अपनी नज़र में सवर गए
अपने फैसले पर हमें नाज़ है
No comments:
Post a Comment