Thursday, 2 April 2026

मोहब्बत की महफिल सजी हुई है

जहां तक हवाओं में खुशबू बिक्री हुई है 
वहां तक मोहब्बत की महफिल सजी हुई है 
चले आओ हो जहां पर की नजर हमारी राहों में बिछी हुई है

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