Sunday, 5 April 2026

​तुम्हारा फैसला क्या है, अब और ना सताओ,

[मुखड़ा]

​तुम्हारा फैसला क्या है, अब और ना सताओ,

यह दिल जानना चाहता है, बता भी दो दिल को।

बड़ा बेकरार है ये दिल मेरा, ये तुम्हारा है,

तुम्हें ही चाहता है, तुम्हें अपना मानता है,

बता भी दो इस दिल को।

[​अंतरा 1]

​तुम दिल में रहते हो, अगर उदास हुआ दिल,

तो तुम्हारा क्या होगा? कुछ कह भी दो।

इतने नादान न बनो, इस दिल के मेहमान नहीं हो,

 मालिक हो, सदा दे रहा है तुम्हें,

तुम भी कोई आवाज़ तो दो।

​[अंतरा 2]

​तुम ही सहारा हो, उम्मीद है इसको,

ना तोड़ोगे कभी मेरे इस दिल को।

अपना समझा है तुमने, इसने भी अपना कहा,

ये हर पल तेरी यादों में ही है रहा,

कुछ लड़खड़ाने लगा है, देखो इसे थाम तो लो।

[​अंतरा 3]

​जो हकीकत है सुनो, ये दिल कहता है,

तुम्हारे सीने में ये धड़कता है।

इसकी आहट को तुम पहचानते हो,

जाने कब से इस दिल को तुम जानते हो,

अब तो मान जाओ, दिल को ना आज़माओ,

यह धड़कता है तुम्हारा नाम लेकर,

इसे सताना अब छोड़ भी दो।


[​अंतरा 4]

​दिल ने जो कहा हमने वो सुना,

हमने जो कहा वो दिल ने सुना।

कोई फासला नहीं है अब दिल के बीच,

हम भी तुम्हारे हैं और दिल भी तुम्हारा है,

कहो अब तुम भी तो...

​[समापन]

​तुम्हारा भी यही फैसला है, अब और ना सताओ,

दिल को ये बताओ, ये सुनना चाहता है।

तुम्हें अपना मानता है, जन्मों से जानता है।










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