Friday, 24 April 2026

बेपनाह मोहब्बत तुमसे ये दिल करने लगा,

बेपनाह मोहब्बत तुमसे  
ये दिल करने लगा, 
मचलने लगा,  
आहे भरने लगा, 
जाने क्यों तुमसे 
मोहब्बत करने लगा 
दिल की धड़कन 
तुम बन गए हो 
अपनी से लगने लगी हो 
समझ में नहीं आता है
 क्यों मेरा दिल 
बस में नहीं अब मेरे
क्यों खोया खोयारहने लगा है 
बेपनाह मोहब्बत तुमसे  
ये दिल करने लगा,

इस दिल की मंजिल 
इस दिल की महफिल 
इस दिल की जन्नत तुम्ही हो 
तुमसे  इस दिल में धड़कती  सांसे
तुम ही हो धड़कन इस दिल की 
तुम ही हो चाहत इस दिल की 
चाहो अगर तुम तो समझोअपना 
नहीं तो मैं समझूंगा, है एक सपना
 जो जागती आंखों में समाने लगा है

बस में नहीं अब मेरे
क्यों खोया खोया रहने लगा है 
बेपनाह मोहब्बत तुमसे  
ये दिल करने लगा,

कहीं दूर आकाश से धरती का मिलन होता है 
दिल में मेरे उमरती है चाहत, कुछ कुछ होने लगता है 
तुमको लेकर, 
सपने सजाता हूं  
उन सपनों में
बेखुदी में बनाता हूं
जो तस्वीर बनती है 
तुम्हारी ही होती है 
जानक्यों अनजाने में 
 तस्वीर  तुम्हारे ही  बनाने लगा हूं

बस में नहीं अब मेरे
क्यों खोया खोया रहने लगा है 
बेपनाह मोहब्बत तुमसे  
ये दिल करने लगा,


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