Monday, 6 April 2026

तू आगे बढ़ता जाए कैसे तुझको संभाल


तू आगे बढ़ता जाए कैसे तुझको संभालू

तुझको संभालू  लहंगा चुन्नी को संभालू

अठ्ठरहा बरस की हो गई मेरी जवानी

बाली उमरिया में कैसे दिल को संभालू



ओ बाके छोरे तू है कितना बेदर्दी

भरी जवानी में आफत तूने कर दी

तुम मुझको है चाहे, मेरा रोके हैं रस्ता

मैं बापू से कहूं और खुद को बचा लूं


[अंतरा 1:]


गोरी गोरी वैया तूने तोड़ी मरोड़ी

पीस देई हड्डी तूने साबुत ना छोड़ी

अच्छी नहीं आदत तेरी निकट्टू

थाने में शिकायत कर दूं मैं तोरी

तू घर में आए कैसे घर से निकालूं


तू आगे बढ़ता जाए कैसे तुझको संभालू

तुझको संभालू  लहंगा चुन्नी को संभालू

अठ्ठरहा बरस की हो गई मेरी जवानी

बाली उमरिया में कैसे दिल को संभालू


[अंतरा 2:]


काहे तू मोरी चुनरिया खींचे

काहे तू रोज-रोज पड़े मेरे पीछे

देख मेरा तू खड़ा है पीपल के नीचे

चला जा यहां से वरना ताऊ को बुला लू


अठ्ठरहा बरस की हो गई मेरी जवानी

बाली उमरिया में कैसे दिल को संभालू


[अंतरा 3:]


छूने नहीं दूंगी मैं बाली चुनरिया

कर ले जोरा जोरी मोड़ ले मेरी कलाइयां

मैं नहीं ऐसी वैसी इतना समझ ले

मैं हूं भोली भाली ना समझ चालू


अठ्ठरहा बरस की हो गई मेरी जवानी

बाली उमरिया में कैसे दिल को संभालू


[अंतरा 4:]


अब देख तू जो मेरे रस्ते में आएगा

साफ कह देती हूं बड़ा पछताएगा

डंडे तू मेरे बापू से खाएगा

खटिया पर पड़ा पड़ा रात भर चलाएगा

रुक जा जरा मेरे बापू को बुला लूं



तू आगे बढ़ता जाए कैसे तुझको संभालू

तुझको संभालू  लहंगा चुन्नी को संभालू

अठ्ठरहा बरस की हो गई मेरी जवानी

बाली उमरिया में कैसे दिल को संभालू


[अंतरा 5:]


गली गली में मेरा चर्चा हो गया

मेरे नाम से  नामजड़ गया

सबकी की नज़रें भी  मुझ पर टिक गई

मेरी सादगी भी अब कहानी  बन गई

काहे बदनाम करे, दूर ही चला जाऊँ



अठ्ठरहा बरस की हो गई मेरी जवानी

बाली उमरिया में कैसे दिल को संभालू


[अंतरा 6:]

नैनों से नैन मिलाके जादू चलाता

मीठी-मीठी बातों में दिल को फंसाता

कभी मुस्काए, कभी इशारा कर जाए

दिल ये मेरा भी अब थोड़ा सा घबराए

हाय क्या करूँ मैं, कैसे खुद को बचाऊँ



अठ्ठरहा बरस की हो गई मेरी जवानी

बाली उमरिया में कैसे दिल को संभालू


[अंतरा 7:]

मेला लगे जब तू मेरे संग आए

ढोल बजे तो दिल भी झूम जाए

लेकिन तेरी नीयत समझ ना पाऊँ

पास भी आऊँ तो दूर निकल जाऊँ

प्यार है या जाल, कैसे इसे पहचानू


अठ्ठरहा बरस की हो गई मेरी जवानी

बाली उमरिया में कैसे दिल को संभालू


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