Thursday, 12 February 2026

मोहब्बत साथ ना दे तो नफरत पास आती है

मोहब्बत साथ ना दे तो नफरत रास आती है।
इस जमाने को नफरत मोहब्बत के पास लाती है।।
 मोहब्बत साथ ना दे तो नफरत रास आती है।.......

हमदर्दिया महंगी लगती है हालाते तंगहाली में।
दुनिया अपनी नजरों में हजारों रंग लाती है।।
मोहब्बत साथ ना दे तो नफरत रास आती है।......

चमन गुलो से भरा हो तब भी खुशबू नही मिलती।
चहकते परिंदों की आवाज़े खो ही जाती हैं।।
मोहब्बत साथ ना दे तो नफरत रास आती है।......

दरिया भवरे लेकर बहती हैं अजब हालात होते हैं।
तैरना भी नहीं आता ना कश्ती पास होती है।।
मोहब्बत साथ ना दे तो नफरत रास आती है।......

यही तो जिंदगी है जिसे आबाद रखना है।
हकीकत ही तो है जो नया अंदाज सिखाती है।
मोहब्बत साथ ना दे तो नफरत रास आती है।....



No comments:

Post a Comment