[मुखड़ा (Chorus)]
सात रंगे इस होली के सतरंगा त्यौहार है।
आओ यारों रंग लगाओ आया होली का त्यौहार है।
[क्रॉस लाइन (Bridge)]
ब्रज में धूम है होली की
ब्रज में गूंज होली की
ढोल नगाड़े बजते चारों ओर
मचा हुडदंग बिखरा रंग सभी है दंग
यह कैसी धुम है होली की।
[अंतरा 1 (Verse 1)]
गुलाबी गालों पर मोहन श्याम रंग लगाए
गोप गोपिया होली खेले कृष्णा रास रचाये
राधा के हुए सांवरे राधा सांवरे की होली
ब्रज का हर वासी बोला होली होली होली
राधा कृष्ण की होली, राधा कृष्ण की होली।
ब्रज में धूम है होली की
ब्रज में गूंज होली की
ढोल नगाड़े बजते चारों ओर
मचा हुडदंग बिखरा रंग सभी है दंग
यह कैसी धुम है होली की।
[अंतरा 2 (Verse 2)]
नंदलाल का लाल कृष्णा रंग लाल लेकर आया
राधा को तो कृष्ण का श्याम रंग ही भाया
पिचकारी से कृष्ण ने जब भिगोई राधा की चोली
सखिया बोली सुनो सखी राधा है भोली
ब्रज का हर बासी बोला होली होली होली
राधा कृष्ण की होली, राधा कृष्ण की होली।
ब्रज में धूम है होली की
ब्रज में गूंज होली की
ढोल नगाड़े बजते चारों ओर
मचा हुडदंग बिखरा रंग सभी है दंग
यह कैसी धुम है होली की।
[ग्रुप गायन जोश और उत्साह से हाई टेपो में]
सात रंग की होली होली
सात रंग की होली सतरंगी ये होली
सतरंगी ये होली सात रंग की होली
राधा कृष्ण की होली राधा कृष्ण की होली
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