Saturday, 7 February 2026

प्रत्यंचा चढ़ा धन्वे की करते हो टण्कार,

 

तर्क निराधार तुम्हारा (Spoken Word Script)

(प्रारंभ: धीमी लेकिन बेहद भारी और कड़क आवाज में - जैसे कोई चेतावनी दे रहा हो)

​"प्रत्यंचा चढ़ा धनुष की... करते हो टंकार,

अभिलाषा मानव की रक्षा, रक्षित हो संसार!"

(दोहराएं - स्वर में थोड़ी और गंभीरता लाते हुए)

"प्रत्यंचा चढ़ा धनुष की... करते हो टंकार,

अभिलाषा मानव की रक्षा, रक्षित हो संसार!"

(अचानक Pitch बढ़ाते हुए - व्यंग्यात्मक हँसी के साथ)

"यह तर्क निराधार तुम्हारा... यह तर्क निराधार तुम्हारा!"

(Repeat)

"यह तर्क निराधार तुम्हारा... यह तर्क निराधार तुम्हारा!"

(आवाज में तेजी और कड़वाहट - सीधे आरोप लगाते हुए)

​"शस्त्रों के उत्पादक बन करते हो व्यापार,

आतंक के जनक तुम ही हो, लाशों का कारोबार!"

(Repeat - 'लाशों' शब्द पर जोर दें)

"शस्त्रों के उत्पादक बन करते हो व्यापार,

आतंक के जनक तुम ही हो, लाशों का कारोबार!"

(High Pitch - चीरती हुई आवाज)

"परमाणु पर भी रहे सदा अधिकार तुम्हारा...

परमाणु पर भी रहे सदा अधिकार तुम्हारा!"

​"यह तर्क निराधार तुम्हारा... यह तर्क निराधार तुम्हारा!"

(पूरी ऊर्जा के साथ - जैसे आप किसी भीड़ को संबोधित कर रहे हों)

​"आज यदि प्रसार परमाणु का विश्व में होता,

लगता तुमको जैसे तुम्हारा साम्राज्य खोता!"

(Repeat - 'साम्राज्य' शब्द को खींचकर बोलें)

"आज यदि प्रसार परमाणु का विश्व में होता,

लगता तुमको जैसे तुम्हारा साम्राज्य खोता!"

(स्वर में दार्शनिकता और आक्रोश का मिश्रण)

"फसल उसने सदा काटी है वैसी...

विश्व धारा में बीज जो जैसे है बोता!"

(Repeat)

"फसल उसने सदा काटी है वैसी...

विश्व धारा में बीज जो जैसे है बोता!"

(थोड़ा ठहराव - फिर तीखा प्रहार - Low to High Pitch)

​"यूक्रेन-रूस का युद्ध... 'करा-धरा' तुम्हारा ही है,

लगता है निकट अब... नंबर तुम्हारा ही है!"

(Repeat - 'नंबर तुम्हारा' पर उंगली से इशारा करने वाले अंदाज में)

"यूक्रेन-रूस का युद्ध... 'करा-धरा' तुम्हारा ही है,

लगता है निकट अब... नंबर तुम्हारा ही है!"

​"सबसे ज्यादा अस्त्र-शस्त्र बनाते तुम हो,

विश्व में जो बिकता यौद्धिक भंडार... वह तुम्हारा ही है!"

(Repeat)

"सबसे ज्यादा अस्त्र-शस्त्र बनाते तुम हो,

विश्व में जो बिकता यौद्धिक भंडार... वह तुम्हारा ही है!"

(चरम सीमा (Climax) - बुलंद और गरजती हुई आवाज)

​"शांति का पुरस्कार भी मिले तुम्हीं को?"

(Repeat - हैरानी और गुस्से के साथ)

"शांति का पुरस्कार भी मिले तुम्हीं को?"

(Full Volume - हर शब्द पर प्रहार)

"यह तर्क निराधार तुम्हारा!"

"यह तर्क निराधार तुम्हारा!"

(अंतिम पंक्ति - धीमी लेकिन बेहद गहरी आवाज में)

"यह तर्क... निराधार... तुम्हारा!"

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