Sunday, 15 February 2026

कभी खुशी में आए ये आँसू, कभी गम में आए ये आँसू

कभी खुशी में आए ये आँसू, कभी गम में आए ये आँसू

कभी थम नहीं पाए ये आँसू, बार-बार आए ये आँसू

कभी खुशी में आए ये आँसू, कभी गम में आए ये आँसू

​कभी हंसे तो आए ये आँसू, कभी रोए तो आए ये आँसू

कभी गालों पे बहे ये आँसू, कभी आँचल में समाए ये आँसू

बार-बार आए ये आँसू

कभी खुशी में आए ये आँसू, कभी गम में आए ये आँसू

​इन आँसुओं की कहानी अजब है, 

इन आँसुओं का फ़साना ग़ज़ब है

अजूबा ही तो हैं ये आँसू, 

बार-बार आए ये आँसू

कभी थम नहीं पाए ये आँसू, बार-बार आए ये आँसू

​कभी महफिलों के जाम में छलके, कभी ग़ज़ल के सुरों में चमके

आँखों की चमक बढ़ाते ये आँसू, बार-बार आए ये आँसू

बार-बार आए ये आँसू

​इन आँसुओं का मोल अनमोल है, बड़े सलोने और मीठे इनके बोल हैं

खुद ही लफ़्ज़ चुनते, खुद ही तोलते, दिल का हर राज़ खोलते ये आँसू

कभी खुशी में आए ये आँसू, कभी गम में आए ये आँसू

​जब दर्द की आँखों से ये बहते हैं, अपनी ही कोई कहानी कहते हैं

जैसे सीप के मोती हों सलोने, ऐसे अनमोल होते हैं ये आँसू

बार-बार आए ये आँसू

कभी थम नहीं पाए ये आँसू, बार-बार आए ये आँसू

​अगर पोंछ सको किसी के तुम ये आँसू, तो तुम इंसा नहीं फरिश्ते हो

बस 'प्रभात' इतना कहना है तुमसे, सपनों वाली आँखों में न रहने देना ये आँसू

बार-बार आए ये आँसू

कभी खुशी में आए ये आँसू, कभी गम में आए ये आँसू

बार-बार आए ये आँसू




"A soulful Indian Ghazal, male vocal with deep emotional resonance, clear pronunciation, nuanced expression (harkat and murki), traditional Soft Tabla rhythm, melodic Harmonium interludes, subtle Acoustic Guitar plucking in the background, Studio Quality, High Fidelity, 80bpm, poignant atmosphere, cinematic soundstage."

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