Wednesday, 25 February 2026

जिंदगी का एक सफर

जिंदगी का एक सफर मुस्कुरा कर गुजर गया,
एक भागते दौड़ते तन्हा कहीं गुजर गया।
​अब जिस हालात से गुजर रहे हैं देखिए होगा क्या,
वह मुकाम होगा कहां जहां यह सफर भी रुक जाएगा।
​वक्त तो वक्त है अच्छा बुरा होता नहीं,
आदमी ही बुरा है वक्त बुरा होता नहीं।
​जज्बातों से बंधा जाने क्या कर जाएगा,
सोचने वाला तो सिर्फ सोचता रह जाएगा।
​ढूंढ ले तू कहीं पर कोई आसरा होगा यहीं पर,
नियत पर अपनी शक ना कर मेजबान भी मिल जाएगा।
​सफर छोटा हो जाता है अगर हमसफर साथ हो,
इक नजर भर के देखिए हर नजारा हमसफर बन जाएगा।
​बिखरी पड़ी है हर तरफ खूबसूरती फिजाओं में,
गीत सुनाता है पवन ये तेरे साथ साथ हो जाएगा।
​रास्ता लंबा सही जो चल पड़ा वो चल पड़ा,
अगर चला रहा तो जान एक दिन मंजिल भी पा जाएगा।
​रास्ते मंजिलों का पता खुद ही बताते हैं,
हमसफर भी ना मिले तब रास्ता जरिया बन जाएगा।
​कई बार दो राहों पर हम किसी का इंतजार करते हैं,
सोचते हैं कि कोई हमसफ़र बन जाएगा।
​हैसियत किसकी कितनी है जानकर होगा क्या 'प्रभात',
मंजिल तो एक है हर रास्ता और मुसाफिर वहीं जाएगा।

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