Thursday, 12 February 2026

जिनको लाशों के ढेर सोने की आदत

[Spoken word]
[Verse 1]
जिनको लाशों के ढेर पर सोने की आदत हो गई है
जिनको लाशों के ढेर पर सोने की आदत हो गई है
उनकी खुदा से बगावत हो गई है।
उनकी खुदा से बगावत हो गई है।
[Chorus]
खून फक़त लाल रंग है उनकी नजरों में,
खून फक़त लाल रंग है उनकी नजरों में,
बेवजह बहाने की आदत हो गई है।
बेवजह बहाने की आदत हो गई है।
[Verse 2]
इल्म और मजहब से नहीं कोई रिश्ता उनका
इल्म और मजहब से नहीं कोई रिश्ता उनका
शैतान की शैतानियत से मोहब्बत हो गई है
शैतान की शैतानियत से मोहब्बत हो गई है
जिनको लाशों के ढेर पर सोने की आदत हो गई है
उनकी खुदा से बगावत हो गई है।
उनकी खुदा से बगावत हो गई है।
[Verse 3]
मिटा देंगे तरक्की के निशा वह जमीन से 
उन्हें इस तरक्की से नफरत हो गई है 
मिटा देंगे तरक्की के निशा वह जमीन से 
उन्हें इस तरक्की से नफरत हो गई है
जिनको लाशों के ढेर पर सोने की आदत हो गई है
उनकी खुदा से बगावत हो गई है।
उनकी खुदा से बगावत हो गई है।
[Verse 4]
बेगैरत है वो जो इंसा को जानते ही नहीं
बेगैरत है वो जो इंसा को जानते ही नहीं
इंसानियत को मिटाने की चाहत हो गई है
इंसानियत को मिटाने की चाहत हो गई है

जिनको लाशों के ढेर पर सोने की आदत हो गई है
उनकी खुदा से बगावत हो गई है।
उनकी खुदा से बगावत हो गई है।

[Verse 5]
शर्मो हया भी दिखती नहीं आंखों में उनकी
शर्मो हया बाकी कहां रह गई उनकी नजरों में
इन्हें बस समुन्दर में डुबोने की हसरत हो गई है
इन्हें बस समुन्दर में डुबोने की हसरत हो गई है
[Bridge]
बगावतों का खूब एक रंग है इस बगावत में
बगावतों का खूब एक रंग है इस बगावत में
हकीकत में जमाने भर से बगावत हो गई है
हकीकत में जमाने भर से बगावत हो गई है
जिनको लाशों के ढेर पर सोने की आदत हो गई है
उनकी खुदा से बगावत हो गई है।
उनकी खुदा से बगावत हो गई है।
[Outro]
इंतजार करना फितरत में 'प्रभात....' उनकी नहीं
इंतजार करना फितरत में 'प्रभात....' उनकी नहीं
उनके लिए आज ही कयामत हो गई है
उनके लिए आज ही कयामत हो गई है

जिनको लाशों के ढेर पर सोने की आदत हो गई है
उनकी खुदा से बगावत हो गई है।
उनकी खुदा से बगावत हो गई है।

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