Wednesday, 18 February 2026

जाग सत्ता के चौकीदार

जाग सत्ता के चौकीदार अब तो जाग,
जल रही है चिताए फिर भी नहीं चिंताए 
अब तो जाग।
जाग सत्ता के चौकीदार अब तो जाग। 
सड़कों पर भूख से बच्चे रोते 
रोज ही अपनी जान है खोते
यौन शोषण शिशुओं का होता 
 देश का नेता फिर भी सोता 
सड़कों पर भूख से बच्चे रोते 
रोज ही अपनी जान है खोते
यौन शोषण शिशुओं का होता 
 देश का नेता फिर भी सोता 
मां भारती के भाल को लगता दाग 
मां भारती के भाल को लगता दाग 
अब तो जाग 
जाग सकता की चौकीदार अब तो जाग। 

भाई भाई से करे लड़ाई 
सत्ता ने ऐसी आग लगाई 
वोटों का खेल है ये सारा 
राज से राज करे लड़ाई 
भाई भाई से करे लड़ाई 
सत्ता ने ऐसी आग लगाई 
वोटों का खेल है ये सारा 
राज्य से राज करे लड़ाई 
बिखर रहा बट रहा ये समाज 
अब तो जाग
बिखर रहा बट रहा ये समाज 
अब तो जाग
जाग सता के चौकीदार अब तो जाग
जाग सत्ता के चौकीदार अब तो जाग,
जल रही है चिताए फिर भी नहीं चिंताए 
अब तो जाग।
मजहवो  में खेल है होता
राष्ट्र में  मजहब को सिर पे ढोता
कैसी इसने  फसल उगाई 
जनता में बीज नफरतो के बोता
मजहवो  में खेल है होता
राष्ट्र में  मजहब को सिर पे ढोता
कैसी इसने  फसल उगाई 
जनता में बीज नफरतो के बोता
हो रही है इंसानियत आज अब तो जाग 
हो रही है इंसानियत आज अब तो जाग 
जाग सत्ता की चौकीदार अब तो जाग 
जाग सत्ता के चौकीदार अब तो जाग। 
अब तो जाग 
हर तरफ उठते आग के शोले 
मुंह से अपने कोई कुछ तो बोले 
कौन है जिसने यह आग लगाई 
आतंक का यह भेज कोई खोलें
हर तरफ उठते आग के शोले 
मुंह से अपने कोई कुछ तो बोले 
कौन है जिसने यह आग लगाई 
आतंक का यह भेज कोई खोलें
आतंक की नजर पर चढ़ा विकास 
अब तो जाग 
आतंक की नजर पर चढ़ा विकास 
अब तो जाग 
जाग सत्ता के चौकीदार अब तो जाग। 
अब तो जाग 
जाग सत्ता के चौकीदार अब तो जाग 
कैसा ये लव जेहाद  का झगड़ा 
सत्ता का कोई खेल है तगड़ा 
हम दो और हमारे चौबीस कहते 
वदहाली और तगहाली में रहते 
कैसा ये लव जेहाद  का झगड़ा 
सत्ता का कोई खेल है तगड़ा 
हम दो और हमारे चौबीस कहते 
वदहाली और तगहाली में रहते 
भीख मंगा बना समाज अब तो जाग
भीख मंगा बना समाज अब तो जाग
जाग सत्ता के चौकीदार अब तो जाग,
जल रही है चिताए फिर भी नहीं चिंताए 
अब तो जाग।
जाग सत्ता के चौकीदार अब तो जाग। 
अब तो जाग 
बनती मूर्ख जनता ठगी रह जाती 
सांसद जी की सूरत  ना देख पाती 
पांच साल बाद फिर सांसद जी आते
पांच साल के लिए फिर जनता को ठग जाते
एक ही रहता जनता का कल और आज 
अब तो जाग
जाग सत्ता के चौकीदार अब तो जाग। 
अब तो जाग 
संसद में देश का पैसा पानी सा बहता 
सांसद हमारा खड़ा सड़कों पर रहता
जनसंख्या पर कानून बनाओ 
कोई नहीं है जो ऐसा कहता 
जो जनसंख्या पर सवाल उठाते
चुनकर कहां द्वारा आते
बेरोजगारी का देश ने पहना ताज 
अब तो जाग 
जागसत्ता के चौकीदार अब तो जाग
जल रही है चिताएं फिर भी नहीं चिंताएं अब तो जाग



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