[Chorus]
वो एक हसीं हसीना थी,
वो एक हसीन हसीना जी।
दिल उसने मुझसे छीना जी,
मुझे कोई निशानी दी ना जी...
मैं क्या करूँ?
मेरा मुश्किल हो गया जीना जी।
[Verse 1]
जब मेरी गली में आई थी,
वो दुल्हन सी शर्माई थी।
उसने नज़र नहीं उठाई,
वो एक हसीं हसीना जी।
जब मेरी गली में आई थी,
वो दुल्हन सी शर्माई थी।
उसने नज़र नहीं उठाई,
वो एक हसीं हसीना जी।
[Chorus]
दिल उसने मुझसे छीना जी...
[Verse 2]
जब बाग में थी वो मुझे मिली,
मुझे लगा जैसे कोई कली खिली।
उसकी बातें मिश्री की डली,
वो एक हसीं हसीना थी।
जब बाग में थी वो मुझे मिली,
मुझे लगा जैसे कोई कली खिली।
उसकी बातें मिश्री की डली,
वो एक हसीं हसीना थी।
[Chorus]
दिल उसने मुझसे छीना जी...
[Verse 3]
जब मेरे पास से आई थी,
गुलाबो की महक समाई थी।
उसकी महक बसी थी सांसों में,
वो थी एक हसीना लाखों में।
जब मेरे पास से आई थी,
गुलाबो की महक समाई थी।
उसकी महक बसी थी सांसों में,
वो थी एक हसीना लाखों में।
[Chorus]
वो एक हसीं हसीना जी...
[Verse 4]
वो जादू की एक गुड़िया थी,
ये गीत उसे सुनाया था।
मन को उसके भी भाया था,
मेरे दिल पर मेरा काबू था,
उसकी चाल में भी एक जादू था।
वो जादू की एक गुड़िया थी,
ये गीत उसे सुनाया था।
मन को उसके भी भाया था,
मेरे दिल पर मेरा काबू था,
उसकी चाल में भी एक जादू था।
[Outro: Fast Instrumental Fade Out]
वो एक हसीं हसीना जी...
दिल उसने मुझसे छीना जी...
वह एक हसीं हसीना थी,
वह एक हसीन हसीना जी।
दिल उसने मुझसे छीना जी,
मुझे कोई निशानी दी ना जी...
मैं क्या करूँ?
मेरा मुश्किल हो गया जीना जी।
अंतरा 1:
जब मेरी गली में आई थी,
वो दुल्हन सी शर्माई थी।
उसने नज़र नहीं उठाई,
वह एक हसीं हसीना जी।
दिल उसने मुझसे छीना जी...
अंतरा 2:
जब बाग में थी वो मुझे मिली,
मुझे लगा जैसे कोई कली खिली।
उसकी बातें मिश्री की डली,
वह एक हसीं हसीना थी।
दिल उसने मुझसे छीना जी...
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