[Intro]
(Emotional and long Sarangi solo. Fades into soft Sitar and Piano.)
[Chorus / Mukhda]
(Vocal enters with deep resonance)
तू रोशनी भर ही थी, जो फलक पर थी छा गई,
तू रोशनी भर ही थी, जो फलक पर थी छा गई।
अंधेरे थे मेरी राह में, इसलिए नज़र को भा गई,
अंधेरे थे मेरी राह में, इसलिए नज़र को भा गई।
[Verse 1 / Antara]
(Slight emotional peak in vocals)
मैंने तुमको अपना माना खुदा, ना पल भर को भी हुआ तुमसे जुदा,
मैंने तुमको अपना माना खुदा, ना पल भर को भी हुआ तुमसे जुदा।
तू मेरी सांसों में ही थी बसी, मेरे लब पे गीत बनके आ गई,
तू मेरी सांसों में ही थी बसी, मेरे लब पे गीत बनके आ गई।
[Chorus Reprise]
(Soft Tabla rhythm continues)
तू रोशनी भर ही थी, जो फलक पर थी छा गई...
[Verse 2]
(Increasing intensity in the Sarangi between lines)
मेरी बंदगी थी मेरी दास्ताँ, मैंने दिया था तुमको इसका वास्ता,
मेरी बंदगी थी मेरी दास्ताँ, मैंने दिया था तुमको इसका वास्ता।
मैं तेरी इबादत में खड़ा रह गया, तुझे मिल गया नया रास्ता,
मैं तेरी इबादत में खड़ा रह गया, तुझे मिल गया नया रास्ता।
[Bridge]
(Slowing down, very minimal music)
संभल सका ना मैं इसलिए, मेरी ज़िंदगी लड़खड़ा गई,
संभल सका ना मैं इसलिए, मेरी ज़िंदगी लड़खड़ा गई।
[Chorus Reprise]
(Vocal focus on the word 'Roshni')
तू रोशनी भर ही थी...
[Verse 3]
(Gentle and conversational tone)
मुझे तेरी दोस्ती भी अभी अज़ीज़ है, मेरा दिल भी यह कुछ अजीब है,
मुझे तेरी दोस्ती भी अभी अज़ीज़ है, मेरा दिल भी यह कुछ अजीब है।
तेरी चाहत अब भी इसमें है रही, तुझसे जुदा हुआ ये दिल नहीं,
तेरी चाहत अब भी इसमें है रही, तुझसे जुदा हुआ ये दिल नहीं।
[Outro]
(Fading peacefully)
तेरी आरज़ू मेरे दिल में घर कर गई, वो जो इक तेरी झलक दिखा गई...
प्रभात तू रोशनी ही थी सही, जो फलक पर थी छा गई...
(Final fading notes of Sarangi and Sitar)
[End]
[Intro]
[Slow, melancholic Sarangi and soft Piano melody]
[Chorus]
तू रोशनी भर ही थी, जो फलक पर तिरछा गई,
तू रोशनी भर ही थी, जो फलक पर तिरछा गई।
अंधेरे थे मेरी राह में, इसलिए नज़र को भा गई,
अंधेरे थे मेरी राह में, इसलिए नज़र को भा गई।
[Verse 1]
मैंने तुमको अपना माना खुदा, ना पल भर को भी हुआ तुमसे जुदा,
मैंने तुमको अपना माना खुदा, ना पल भर को भी हुआ तुमसे जुदा।
तू मेरी सांसों में ही थी बसी, मेरे लब पे गीत बनके आ गई,
तू मेरी सांसों में ही थी बसी, मेरे लब पे गीत बनके आ गई।
[Musical Interlude]
[Sitar and Tabla bridge]
[Chorus]
तू रोशनी भर ही थी, जो फलक पर तिरछा गई,
तू रोशनी भर ही थी, जो फलक पर तिरछा गई।
[Verse 2]
मेरी बंदगी थी मेरी दास्ताँ, मैंने दिया था तुमको इसका वास्ता,
मेरी बंदगी थी मेरी दास्ताँ, मैंने दिया था तुमको इसके वास्ता।
मैं तेरी इबादत में खड़ा रह गया, तुझे मिल गया नया रास्ता,
मैं तेरी इबादत में खड़ा रह गया, तुझे मिल गया नया रास्ता।
[Bridge]
संभल सका ना मैं इसलिए, मेरी ज़िंदगी लड़खड़ा गई,
संभल सका ना मैं इसलिए, मेरी ज़िंदगी लड़खड़ा गई।
[Chorus]
तू रोशनी भर ही थी, जो फलक पर तिरछा गई,
तू रोशनी भर ही थी, जो फलक पर तिरछा गई।
[Verse 3]
मुझे तेरी दोस्ती भी अभी अज़ीज़ है, मेरा दिल भी यह कुछ अजीब है,
मुझे तेरी दोस्ती भी अभी अज़ीज़ है, मेरा दिल भी यह कुछ अजीब है।
तेरी चाहत अब भी इसमें है रही, तुझसे जुदा हुआ ये दिल नहीं,
तेरी चाहत अब भी इसमें है रही, तुझसे जुदा हुआ ये दिल नहीं।
[Musical Interlude]
[Flute and Sarangi solo]
[Outro]
तेरी आरज़ू मेरे दिल में घर कर गई, वो जो इक तेरी झलक दिखा गई,
तेरी आरज़ू मेरे दिल में घर कर गई, वो जो इक तेरी झलक दिखा गई।
प्रभात तू रोशनी ही थी सही, जो फलक पर तिरछा गई,
प्रभात तू रोशनी ही थी सही, जो फलक पर तिरछा गई।
[End]
[Intro]
[Soft Sarangi and Piano melody]
[Chorus]
तू रोशनी भर ही थी सही, जो फलक पर तिरछा गई,
तू रोशनी भर ही थी सही, जो फलक पर तिरछा गई।
अंधेरे थे मेरी राह में, इस नज़र को भा गई,
अंधेरे थे मेरी राह में, इस नज़र को भा गई।
[Verse 1]
मैंने तुमको अपना माना खुदा, ना पल भर को भी हुआ तुमसे जुदा,
मैंने तुमको अपना माना खुदा, ना पल भर को भी हुआ तुमसे जुदा।
तू मेरी सांसों में ही थी बसी, मेरे लब पे गीत बनके आ गई,
तू मेरी सांसों में ही थी बसी, मेरे लब पे गीत बनके आ गई।
[Verse 2]
मेरी बंदगी थी मेरी दास्ताँ, मैंने दिया था तुमको इसका वास्ता,
मेरी बंदगी थी मेरी दास्ताँ, मैंने दिया था तुमको इसका वास्ता।
मैं तेरी इबादत में खड़ा रह गया, तुझे मिल गया नया रास्ता,
मैं तेरी इबादत में खड़ा रह गया, तुझे मिल गया नया रास्ता।
[Bridge]
संभल सका ना मैं इसलिए, मेरी ज़िंदगी लड़खड़ा गई,
संभल सका ना मैं इसलिए, मेरी ज़िंदगी लड़खड़ा गई।
[Verse 3]
मुझे तेरी दोस्ती भी अभी अज़ीज़ है, मेरा दिल भी यह कुछ अजीब है,
मुझे तेरी दोस्ती भी अभी अज़ीज़ है, मेरा दिल भी यह कुछ अजीब है।
तेरी चाहत अब भी इसमें है रही, तुझसे जुदा हुआ ये दिल नहीं,
तेरी चाहत अब भी इसमें है रही, तुझसे जुदा हुआ ये दिल नहीं।
[Outro]
तेरी आरज़ू मेरे दिल में घर कर गई, वो जो इक झलक थी दिखा गई,
तेरी आरज़ू मेरे दिल में घर कर गई, वो जो इक झलक थी दिखा गई।
प्रभात तू रोशनी ही थी सही, जो फलक पर तिरछा गई,
प्रभात तू रोशनी ही थी सही, जो फलक पर तिरछा गई।
[End]
[Intro]
[Soft Sarangi and Piano melody]
[Chorus]
तू रोशनी भर ही थी , जो फलक पर तिरछा गई,
तू रोशनी भर ही थी , जो फलक पर तिरछा गई।
अंधेरे थे मेरी राह में, इस नज़र को भा गई,
अंधेरे थे मेरी राह में, इस नज़र को भा गई।
[Verse 1]
मैंने तुमको अपना माना खुदा, ना पल भर को भी हुआ तुमसे जुदा,
मैंने तुमको अपना माना खुदा, ना पल भर को भी हुआ तुमसे जुदा।
तू मेरी सांसों में ही थी बसी, मेरे लब पे गीत बनके आ गई,
तू मेरी सांसों में ही थी बसी, मेरे लब पे गीत बनके आ गई।
[Verse 2]
मेरी बंदगी थी मेरी दास्ताँ, मैंने दिया था तुमको इसका वास्ता,
मेरी बंदगी थी मेरी दास्ताँ, मैंने दिया था तुमको इसका वास्ता।
मैं तेरी इबादत में खडा रह गया, तुझे मिल गया नया रास्ता,
मैं तेरी इबादत में खडा रह गया, तुझे मिल गया नया रास्ता।
[Bridge]
संभल सका ना मैं इसलिए, मेरी ज़िंदगी लड़खड़ा गई,
संभल सका ना मैं इसलिए, मेरी ज़िंदगी लड़खड़ा गई।
[Verse 3]
मुझे तेरी दोस्ती भी अभी अज़ीज़ है, मेरा दिल भी यह कुछ अजीब है,
मुझे तेरी दोस्ती भी अभी अज़ीज़ है, मेरा दिल भी यह कुछ अजीब है।
तेरी चाहत अब भी इसमें है रही, तुझसे जुदा हुआ ये दिल नहीं,
तेरी चाहत अब भी इसमें रही, तुझसे जुदा हुआ ये दिल नहीं।
[Outro]
तेरी आरज़ू मेरे दिल में घर कर गई, वो जो इक तेरी झलक दिखा गई,
तेरी आरज़ू मेरे दिल में घर कर गई, वो जो इक तेरी झलक दिखा गई,
प्रभात तू रोशनी ही थी सही, जो फलक पर तिरछा गई,
प्रभात तू रोशनी ही थी सही, जो फलक पर तिरछा गई।
[End]
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