मतला:
इस जिंदगी में एक वक्त ऐसा भी आता है,
दिल भूल से भी मुस्कुराना भूल जाता है।
शेर 1:
ये जिंदगी भी एक खामोश समुन्दर है,
यहाँ दरिया भी आकर बहना भूल जाता है।
शेर 2:
वह जिसने बसाया था कभी सांसों में अपनी,
मोहब्बत में किया हर वादा अपना भूल जाता है।
शेर 3:
बेवजह किस्मत पर इल्जाम लोग लगाते हैं,
तराशे हैं खुद ने ये हालात, बस इंसान भूल जाता है।
शेर 4:
कोई भी दर्द मोहब्बत से बड़ा नहीं होता,
ये खुद की आजमाई हुई बात है, क्यों भूल जाता है।
शेर 5:
दिल अपनी उलझन भी सुलझा न सका कभी,
बदल गए कितने हालात, अक्सर दिल भूल जाता है।
शेर 6:
रास्ता तो एक ही होता है हकीकत में सदा,
जो दो राहे पे खड़ा हो, बस वही भूल जाता है।
मकता:
सुकून दिल और दिमाग में बना कर रख 'प्रभात',
हर मसला सुलझ जाता है, तू क्यों भूल जाता है।
Saturday, 28 February 2026
इस जिंदगी में एक वक्त ऐसा भी आता है
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