Thursday, 12 February 2026

ये मत कहना ओ मेरे सनम , तुम मेरे दीवाने हो,

गीत: कल तक तुम अजनबी थे



ये मत कहना ओ मेरे सनम , तुम मेरे दीवाने हो,

ये मत कहना ओ मेरे सनम , तुम मेरे दीवाने हो

राजकुमारी सपनों की यह कैसा जादू कर डाला 

,खामोश सी राहों में, कोई संगीत तुमने भर डाला

पास हो फिर भी दूरी है, ये कैसी अनजानी मजबूरी है,

क्या है रिश्ता ये बतालाओ क्यों हर बात अधूरी है? 

ये मत कहना अब फिर से तुम अब भी अनजाने हो

ये मत कहना ओ मेरे सनम तुम मेरे दीवाने हो।


राहों में जब मिलते हो तुम, कुछ कहना चाहते हो

झुकी हुई पलकों में कुछ ख्वाब सजाना चाहते हो

मीठी बातें तो करते हो इरादा  अपना साफ करो

यह कहकर कर दी गलती सनम हमको माफ करो

बिखरी हुई इस चांदनी के मेरे सनम तुम चांद हो

ये मत कहना ओ मेरे साजन, तुम मेरे दीवाने हो।

चाहत ने इन लम्हों ने हमें इतना पास खड़ा किया

इस छोटी सी मुलाक़ात ने, दिल का दर्द बड़ा किया।

हो तुम सनम  या हमसफर ये फैसला तुम पर छोड़ा है,

 सनम सच कहती हूं दिल ने तुमसे जोड़ा है   फसाने

अब सच-सच ये कह दो तुम कितना चाहने वाले हो

ये मत कहना ओ मेरे सनम तुम मेरे दीवाने हो

कल तक तुम अजनबी थे , आज जाने-पहचाने हो,

ये मत कहना... ओ मेरे सनम... तुम मेरे दीवाने हो।

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