Thursday, 12 February 2026

देखा नहीं वह सपना मैंने


​देखा नहीं वो सपना मैंने, जो मेरा नहीं था

देखा नहीं वो सपना मैंने, जो मेरा नहीं था

बेगाना था यारो, वो बेगाना था यारो

बेगाना था यारो, वो बेगाना था यारो

​मेरी ये दुनिया हकीकत नहीं थी

मेरी ये दुनिया हकीकत नहीं थी

मगर इस ज़मीं पर ही, मेरा ठिकाना था यारो

मुड़-मुड़ के देखने की, नहीं आदत थी

तभी मुड़कर मैंने पीछे, कभी देखा नहीं था

तभी मुड़कर मैंने पीछे, कभी देखा नहीं था

सभी को तो अपना, समझा था मैंने

सभी को तो अपना, समझा था मैंने

नहीं जाना कौन अपना, कौन बेगाना था यारो

नहीं जाना कौन अपना, कौन बेगाना था यारो

​बदलते हुए वक्त में भी, जो ना बदला

बदलते हुए वक्त में भी, जो ना बदला

वो मैं था और मेरा, नसीबा था यारो

वो मैं था और मेरा, नसीबा था यारो

​दीवाना हूँ मैं, पागल नहीं हूँ

दीवाना हूँ मैं, पागल नहीं हूँ

मजनू समझ के ना, पत्थर से मारो

मजनू समझ के ना, पत्थर से मारो

​सपनों में जन्नत भी, देखी है मैंने

सपनों में जन्नत भी, देखी है मैंने

मगर ये दुनिया नहीं है, जन्नत सी यारो

मगर ये दुनिया नहीं है, जन्नत सी यारो

​जहाँ की हकीकत, नज़र आ रही है

जहाँ की हकीकत, नज़र आ रही है

कोई भी नज़ारा, हकीकत नहीं है यारो

कोई भी नज़ारा, हकीकत नहीं है यारो

​बस एक बार मुस्कुरा दो 'प्रभात' ये सुनकर

बस एक बार मुस्कुरा दो 'प्रभात' ये सुनकर

मैं हूँ तुम्हारा, कोई धोखा नहीं हूँ

मैं हूँ तुम्हारा, कोई धोखा नहीं हूँ

​कहीं और दुनिया, बसा ही मैं लूँगा

कहीं और दुनिया, बसा ही मैं लूँगा

कदम साथ मेरे तुम, मिलाओ तो यारो

कदम साथ मेरे तुम, मिलाओ तो यारो

​देखा नहीं वो सपना मैंने, जो मेरा नहीं था

बेगाना था यारो...

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