Tuesday, 24 February 2026

भगवान गौतम का सन्मार्ग।

दूसरों के हित में जो

 अपना लुटाते हैं सब कुछ,

 देके उनको अपनी खुशियाँ

 ले लेते हैं उनके दुख।

​पथ के भ्रमित जाल में 

जो ना फँसते हैं कभी,

 रोते हैं पल के लिए 

फिर हँसते हैं वही

कर्म ही उनकी पूजा होती 

कर्म ही होता सेवा का आधार

उनके ज्ञान के आलोक से 

प्रकाशित हो जाता ये संसार 

 जो नित्य निरंतर हर पलआगे बढ़ते हैं शाश्वत सत्य के अनुगामी होते 

वह सत्य के संग साथ -साथ चलते हैं

दूसरों के हित में जो.........

उनकी वाणी से 

मानवता का सृजन होता

उत्कृष्ट आदर्श रचे जाते 

पवित्र पावन दर्शन होता 

सब तत्व समरूप हो जाते 

उनके पग रज लेने को

 समाज के सब नर नारी  आतुर रहते हैं

वे तत्व दृष्टा अग्रज बन सबसे आगे रहते हैं 

दूसरों के हित में जो......

वह संभालते मनुष्य तेरा

बनते बिगड़ते कल हो आज

जीवन में प्रभु दर्श की

 हो थोड़ी सी आस, 

आ जाते दर्शन देने वाले 

दर्शन अभिलाषी के पास।

​है अमीरी सुख का साधन

 और गरीबी मोक्ष है, 

गौतम बुद्ध ने बताया है

 यह सन्मार्ग। 

No comments:

Post a Comment